॥ आदेश आदेश ॥ ॥ ॐ शिव गोरक्ष ॥ ॥ जय हिंगलाज माता ॥
प्रिय स्वजातीय बंधुओं, सप्रेम नमस्कार!
नाथ समाज, भीलवाड़ा की एकता, अनुशासन एवं सामाजिक मर्यादा को बनाए रखने के उद्देश्य से समाज की जिला कार्यकारिणी द्वारा निम्नलिखित सामाजिक नियम निर्धारित किए गए हैं। सभी समाज बंधुओं से अनुरोध है कि इन नियमों का पालन करें एवं समाज की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।
1. समाज बन्धुओं को आदेश-आदेश
-
✔
🙏 दिनांक 24 जुलाई 2025 गुरुवार हरियाली अमावस्या को राजगुरु नाथ समाज के तत्वाधान में भीलवाड़ा जिले की चारों चोखला की सभी तहसीलों के पंच पटेलों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों व समाज बंधुओं की विशाल मीटिंग का आयोजन हिंगलाज माता मंदिर प्रांगण, झरना महादेव में हुआ। पूर्व में जिसमें समाज सुधार हेतु सर्वसम्मति से सामाजिक नियम बनाए गए जो दिनांक 28 जुलाई 2022 से भीलवाड़ा जिले की सभी तहसीलों के प्रत्येक गांव में लागू थे। आज की मीटिंग में समाज सुधार के नियमों में संशोधन व नए नियम लागू किए गए जिनकी प्रतिवर्ष हरियाली अमावस्या पर समीक्षा होगी।
सभी तहसीलों में 11-11 पंचों की एक निर्णायक कमेटी बनाई जाएगी जो समाज सुधार के निम्न नियमों की पालना करवाएगी तथा विवादित मामलों में निर्णय करेगी। यदि किसी मामले में सर्वसम्मति नहीं बनती है तो बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा। जिला स्तर पर सभी तहसीलों से भागीदारी रखते हुए 21 पंचों की निर्णायक कमेटी बनाई जाएगी। तहसील स्तर की निर्णायक कमेटी के फैसले की अपील होने पर निर्णय देगी तथा तहसील की कमेटी पर अंकुश भी रखेगी।
सामाजिक नियमों का उल्लंघन करने वाले समाज बंधुओं से ली जाने वाली राशि मंदिर निर्माण हेतु सहयोग राशि के रूप में ली जावेगी जो संबंधित क्षेत्र के गोरखधाम मंदिर निर्माण कमेटी में जमा कर रसीद दी जाएगी।
सामाजिक नियमों के तहत निर्णय करवाने हेतु प्रार्थना पत्र देना होगा जिसका शुल्क 1100 रुपए जमा कर रसीद दी जावेगी। प्रत्येक तहसील में संबंधित मंदिर निर्माण कमेटी के पास रसीद बुक रहेगी जो रसीद काट कर प्रार्थना पत्र निर्णायक कमेटी को भेजेंगे जिस पर पंच लोगों को एक माह में उसका निपटारा करना अनिवार्य होगा। पंचायती दिन में होगी, रात्रि में नहीं की जाएगी तथा उपस्थित समाज बंधु एक रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे।
2. सामाजिक नियम
-
✔
1 अफीम व डोडा का सेवन किसी समाज बंधु की मृत्यु होने पर होने वाली बैठक पर अफीम व डोडा के सेवन पर पूर्णतः रोक है। बैठक पर कोई भी व्यक्ति अफीम व डोडा नहीं खिलाएगा और कोई बाध्य नहीं करेगा। बैठक पर अफीम व डोडा खिलाने वाले के भण्डारे में समाज नहीं जाएगी तथा एक लाख रुपया सहयोग राशि जमा करवाएगा।
-
✔
2 मृत्युभोज सभी सामाजिक संगठन मृत्यु भोज के सख्त खिलाफ हैं। फिर भी यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से भण्डारा करता है तो भण्डारा में एक मिठाई ही बनाएगा। नहीं मानने वाले को एक लाख रुपया की सहयोग राशि जमा करानी होगी। संशोधित नियम में घर धणी की स्वेच्छा मानी जाएगी।
-
✔
3 नाता विवाह नाता विवाह में कागली के झगड़ा राशि रुपए 121000/- रहेगी जिसमें 5000/- रूपये की पंचायती राशि संबंधित क्षेत्र के मंदिर निर्माण कमेटी के सहयोग राशि के रूप में जमा होगी।
-
✔
4 काण किसी की मृत्यु होने पर काण के कार्यक्रम में मिठाई बनाना व खिलाना या मिठाई खाना पूर्णतः बन्द है। नहीं मानने वाले को 51000/- रुपये सहयोग राशि जमा करानी होगी। काण में मिठाई बनाकर खिलाने वाले के यहां भंडारे में समाज नहीं जाएगी।
-
✔
5 सामाजिक स्तर पर समझाइश किसी भी सामाजिक विवाद की स्थिति में इन नियमों के अन्तर्गत पीड़ित व्यक्ति समाज के मौतविरान पंचों के समक्ष उपस्थित होगा। उसकी प्रार्थना पर समाज के मौतवीर पंच दोनों पक्षों में आपसी राजीनामा का प्रयास करेंगे। यदि राजीनामा का प्रयास किए बगैर कोई व्यक्ति दावा करता है तो उसे एक लाख रूपये सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
6 शराब पर पूर्ण पाबन्दी समाज में सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पर पूर्णतः पाबन्दी लगाई जाती है। यदि सामाजिक कार्यक्रमों में या सार्वजनिक स्थान पर कोई व्यक्ति शराब पीकर आता है तो पंचों द्वारा जांच करके 21000/- रु. सहयोग राशि जमा कराई जावेगी।
-
✔
7 शादी विवाह व मांगलिक कार्यक्रमों या उत्सव में डी.जे. बन्� समाज में सभी प्रकार के कार्यक्रमों में डी.जे. पूर्णतः बन्द है। केवल बैण्ड बाजा या ढोल थाली बजा सकते हैं। डी.जे. बजाने वाले को एक लाख रुपये सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
8 दूसरे समाज में लड़का या लड़की का भाग जाना समाज का लड़का या लड़की किसी दूसरे समाज के साथ शादी कर लेते हैं या भाग जाते हैं तो उनका पूर्णतः बहिष्कार रहेगा। यदि लड़का या लड़की के बिना सहमति, जोर-जबरदस्ती, दबाव में लेकर अन्य समाज में किसी कारणवश शादी करता है, ऐसे विवाद की स्थिति में समाज की जाजम का निर्णय सर्वोपरि रहेगा।
-
✔
9 नाता विवाह मुकदमा समाज की लड़की पक्ष वाले थाना या कोर्ट में झूठा मुकदमा दर्ज कराके कानूनी दबाव लगावें, फैसला कराते हैं, रकम व झगड़ा हड़प लेते हैं, और पैसे ले लेते हैं। लड़का पक्ष द्वारा शिकायत करने पर दोषी लड़की पक्ष को 251000/- की सहयोग राशि देनी होगी, लड़का पक्ष की रकम जेवर वापस देने होंगे। नाते जाने पर झगड़ा राशि वापस पीड़ित लड़का पक्ष को दी जाएगी। गलती लड़का पक्ष की है, मुकदमा करता है तो झगड़ा, रकम, जेवर नहीं दिए जाएंगे तथा 251000/- सहयोग राशि जमा करानी होगी। गलत-सही का फैसला समाज की जाजम द्वारा किया जाएगा।
-
✔
10 पहली पत्नी या बच्चों के रहते दूसरी औरत लाने के सम्बन्ध म� पहली पत्नी या बच्चों के रहते दूसरी औरत लाने के सम्बन्ध में यदि पहली पत्नी या पत्नी के साथ बच्चों के रहते कोई लड़का अन्य लड़की को नाता विवाह या विवाह करता है तो बिना किसी शिकायत के भी 51000/- रुपये की सहयोग राशि जमा करवाएगा। यदि पहली पत्नी के बच्चे नहीं हैं, उसको कोई शिकायत है तथा वह उसके पति के साथ नहीं रहती है तो प्रतिवर्ष 50000/- पति द्वारा खर्चा दिया जाएगा। तथा यदि पत्नी के साथ बच्चे भी हैं, तो 100000/- प्रति वर्ष पति द्वारा खर्च दिया जाएगा। यदि लड़की कारणवश अपंग, विकलांग हो जाती है, उसे शिकायत होने पर 100000/- प्रतिवर्ष पति द्वारा खर्चा दिया जाएगा। यदि विकलांग पत्नी के साथ बच्चे भी हैं, तो 150000/- पति प्रति वर्ष खर्चा देगा।
-
✔
11 बर्तन देने का रिवाज समाज में मृत्युभोज भण्डारे में लेन-बर्तन देने का रिवाज सर्वसहमति से बन्द किया जाता है। कपड़े लाने वाले को भी अलग से बर्तन नहीं दिए जाएंगे। नियम की अवहेलना करने पर 21000/- रुपये की सहयोग राशि देनी होगी।
-
✔
12 उत्तराधिकारी विवाद समाज बंधु की मृत्यु होने पर, संतान नहीं होने पर नजदीकी रिश्तेदार या समाज बंधु काज करवाता है, सम्पूर्ण खर्चा वह करता है, समाज द्वारा पगड़ी बांधी जाती है। फिर भी मृतक की विधवा औरत उसको हिस्सा नहीं देती है, पीहर पक्ष को दे देती है या स्वयं बेच देती है तो शिकायत होने पर समाज की जाजम का फैसला सर्वमान्य रहेगा। सम्पत्ति में से हिस्सा मिलने के बाद मृतक के आश्रित के लालन-पोषण की जिम्मेदारी उस व्यक्ति को निभाना होगी।
-
✔
13 भगवा साफा / साफ़ा धारण करना समाज के सभी व्यक्तियों को सामाजिक कार्यक्रम में भगवा साफा धारण करना अनिवार्य है। नहीं करने पर 11000/- सहयोग राशि जमा करानी होगी। वयस्क पगड़ी बंध व्यक्ति सामाजिक कार्यक्रम में साफा बांधकर नहीं आता है तो 21000/- सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
14 अन्तिम संस्कार में कपड़े किसी समाज बंधु की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार में लाने वाले कपड़ों पर रोक है। कपड़े केवल पीहर, ससुराल, नान्देरा व दादेरा की ड्रेस ही ला सकते हैं। शेष व्यक्ति नारियल ला सकते हैं।
-
✔
15 कुंवारों का नाता विवाह समाज का कोई कुंवारा व्यक्ति बिना शादी किये नाता विवाह करता है तो झगड़ा राशि के अलावा 51000/- रूपये की सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
16 औरत का वापस पूर्व पति के पास आना कोई औरत नाते जाकर वापस अपने पूर्व पति के पास आकर रहती है तथा वह पति नाते जाकर वापस आने वाली औरत को रखता है तो ऐसे मामले में उसे पूरा झगड़ा 121000/- रुपया देना होगा, जिसमें से 5000/- रु. पंचायती राशि जमा होगी तथा 31000/- रुपया अलग से सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
17 सम्पत्ति विवाद में निर्णय समाज में भाई-बन्धुओं के मध्य संपत्ति को लेकर कोई आपसी विवाद की शिकायत आने पर पंच सही-गलत का फैसला करके पीड़ित व्यक्ति को उसका हक दिलाएंगे तथा दोषी व्यक्ति को 31000/- रुपया की सहयोग राशि जमा करानी होगी। समाज की लड़की ससुराल में रहकर पीहर से भी परिवार की जमीन-जायदाद की पाती लेती है, संपत्ति की हकदार ससुराल पक्ष व पीहर पक्ष में से एक तरफ ही हकदार रहेगी। पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत करने पर, सही-गलत का फैसला समाज करेगा, उसका बहिष्कार किया जाएगा।
-
✔
18 सगाई छोड़ने के सम्बन्ध में (1) कच्ची सगाई: जिसमें केवल खोल-खोपरा किया हुआ है, ऐसी स्थिति में लड़का या लड़की में से जिस पक्ष की गलती होगी, उसको 20000/- रूपये सामने वाले पक्ष को देना होगा तथा गलत पक्ष को 11000/- रुपये की सहयोग राशि जमा करानी होगी। (2) पक्की सगाई: जिसमें रकम या पक्का मांगणा चढ़ाया हुआ हो तो ऐसे मामले में सगाई छोड़ने पर जिस पक्ष की गलती होगी, उसको 50000/- रु. सामने वाले पक्ष को देना होगा तथा 11000/- रुपया सहयोग राशि जमा करानी होगी तथा पहनाई हुई रकम लड़के को मिलेगी।
-
✔
19 आटा-साटा की सगाई या विवाह के सम्बन्ध में (1) आटा-साटा की सगाई या विवाह में यदि आपसी सहमति से सम्बन्ध विच्छेद किया जाता है तो दोनों पक्ष अपने स्तर पर मामला निपटा सकते हैं। (2) आटे-साटे की सगाई के सम्बन्ध में यदि एक पक्ष अपनी लड़की की शादी कर देता है तथा दूसरा पक्ष अपनी लड़की की शादी वहां नहीं करके अन्य जगह करना चाहता है, उस स्थिति में दोषी पक्ष को उसी समय झगड़ा राशि तथा 50000/- रुपया हर्जाना सामने वाले पक्ष को देना होगा तथा पहनाई हुई रकम जेवर भी सामने वाले पक्ष को वापस देना होगा। झगड़ा राशि में से 5000/- रुपये पंचायती राशि जमा होगी तथा शादी से मना करने वाले दोषी पक्ष को 51000/- रुपया सहयोग राशि जमा करानी होगी। (3) आटा-साटा के विवाह में एक पक्ष की लड़की नाते चली जाती है तथा दूसरे पक्ष की लड़की यदि ससुराल नहीं जाना चाहती है तो दोनों पक्ष उसी समय अपनी-अपनी लड़की को पहनाये हुए गहने ससुराल वालों को देंगे। तथा नाते जाने वाली लड़की के पक्ष द्वारा उसी समय लड़का पक्ष को झगड़ा राशि देंगे तथा 21000/- रु. सहयोग राशि जमा करानी होगी। दूसरी लड़की के नाते जाने के बाद उसका झगड़ा लड़का पक्ष को दिया जायेगा। (4) आटा-साटा विवाह में एक पक्ष की लड़की नाते चली जाती है तथा दूसरी लड़की यदि नाते नहीं जाना चाहती व ससुराल रहना चाहती है तो उसके पीहर वाले उस लड़की को अन्यत्र जगह नाते रखने को विवश नहीं करेंगे। तथा उस लड़की के ससुराल वाले भी उसे दुख नहीं देंगे। पहले नाते जाने वाली लड़की का पक्ष उसकी रकम जेवर व झगड़ा राशि तुरन्त लड़का पक्ष को देगा। तथा पहले नाते जाने वाली लड़की के पक्ष को 21000/- रु. सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
20 शादी के बाद सम्बन्ध विच्छेद होने पर ऐसे मामले जिनमें शादी के बाद लड़का अपनी ब्याहता पत्नी को नहीं रखना चाहता है या लड़की अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती है तो ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर पंच सही-गलत का फैसला करेंगे। इसमें यदि लड़का पक्ष की गलती पाई जाती है तो उस लड़के को झगड़ा राशि छोड़नी होगी व 51000/- रु. सहयोग राशि जमा करायेगा। परन्तु लड़की को पहनायी हुई रकम वापस लड़का पक्ष को देनी होगी। इसी प्रकार यदि गलती लड़की पक्ष की हो तो उसको पहनायी हुई रकम तथा झगड़ा की राशि लड़की पक्ष द्वारा उसी समय लड़के को देंगे तथा लड़की पक्ष को 51000/- रु. की सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
21 अभद्र टिप्पणी पर कार्यवाही समाज का कोई भी सदस्य सोशल मीडिया पर या समाज के किसी कार्यक्रम में समाज के मंदिर, संस्था, सदस्य के विरुद्ध गाली-गलौज, अभद्र पोस्ट, अश्लील पोस्ट डालने पर सही-गलत का फैसला समाज की जाजम द्वारा किया जाएगा जो सर्वमान्य रहेगा।
-
✔
22 चेला बनाना या भिक्षावृत्ति नाथ-समाज की परम्परा के विरुद्ध अन्य समाज के घर जाकर भोजन करना, चेला बनाना, भजन करना, भिक्षावृत्ति करना या रात का काम करना सख्त मना है। नहीं मानने पर 21000/- रु. सहयोग राशि जमा करानी होगी।
-
✔
23 माता-पिता की सेवा अपने माता-पिता की सेवा न करने वाली संतान के सम्बन्ध में शिकायत आने पर पंचों द्वारा जांच की जाएगी, अंतिम निर्णय समाज की जाजम तय करेगी। माता-पिता को सम्मान दिलाते हुए भरण-पोषण पर फैसला किया जायेगा।
-
✔
24 समाज पर मुकदमा इन नियमों के अन्तर्गत समझाइश करने वाले मोतवीर पंचों के विरुद्ध यदि कोई व्यक्ति झूठा दावा कराता है तो 251000/- रुपया की सहयोग राशि जमा करायेगा। तथा ऐसे दावे में लगने वाला खर्चा कमेटी बहन करेगी।
-
✔
समापन निर्देश सभी नियम समाज हित व सुधार को ध्यान में रखते हुए तथा समाज को विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से सामाजिक संस्थाओं के अधिकार अंतर्गत और न्यायपालिका के हितार्थ समय बचाने के साथ-साथ समाज का भी समय व धन बचाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। इसका क्षेत्र पूरा भीलवाड़ा जिला रहेगा। किसी भी तरह के विवादित मामलों में न्यायपालिका के कार्य क्षेत्र में समाज संस्था का हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
रजि. क्रमांक / भीलवाड़ा / 126/2025-2026
राजगुरू नाथ समाज संस्था, भीलवाड़ा
जिला - भीलवाड़ा
मंदिर-कमेटी के अधिकार क्षेत्र:
• त्रिवेणी संगम / मालोला / आसीन्द / रायपुर
• मांडल गढ़ (भीलवाड़ा / आसीन्द / रायपुर)
• बिजौलिया (हमीरगढ़ / हुरड़ा / सहाड़ा)
• कोटड़ी (बनेड़ा / गंगापुर)
• जहाजपुर (मांडलगढ़ / मंडल)
• करेड़ा (चिताम्बा), धानेश्वर महादेव
• शाहपुरा, फूलियां कलां, गणेशपुरा, बदनोर
समाज की भावना
"एकता, अनुशासन और सेवा भाव ही हमारे समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। मिलकर चलें, समाज को आगे बढ़ाएं।"
॥ आदेश आदेश ॥ ॥ ॐ शिव गोरक्ष ॥
अधिक जानकारी अथवा सुझाव हेतु संपर्क करें।